कोरोना महामारी

साल 2020 पूरी दुनिया के लिए काल साबित हुई क्योंकि साल 2020 से कोरोना महामारी ने जो तबाही मचाई है ना जाने अब तक कितने घरों को सुना किया है.भारत में अभी कोरोना महामारी का प्रकोप अपने चरम स्तर पर है. हमारे वैज्ञानिकों ने इस बीमारी का समाधान भी ढूंढ निकाला है फिर भी यह बीमारी रुकने का नाम नहीं ले रही हैं.

भारत सरकार तरह-तरह के कोरोना महामारी से संबंधित गाइडलाइन जारी कर रही है इस महामारी से निपटने के लिए लेकिन यह महामारी रुकने का नाम नहीं ले रहा है इतना हाईटेक युग होने के बाद भी इस बीमारी को रोकने में हम असमर्थ साबित हो रहे हैं . तो जरा सोचिए आज से पहले आई त्रासदी का हसर क्या होता होगा.

जगह जगह लॉकडाउन लगाया जा रहा है लोगों से घर में रहने के लिए अनुरोध किया जा रहा है फिर भी यह रफ्तार कम नहीं हो रही है है. यह जो महामारी आई है एक न एक दिन तो जाएगा ही.

क्या आप लोग को पता है कि हर 100 साल पर ऐसे भयंकर महामारी का हम शिकार होते रहे हैं ? क्या हमने कभी इस बात पर नोटिस किया है ? हो सकता है कुछ लोगों को पता होगा. लेकिन मेरा मकसद आपलोगों को इस सच से रूबरू कराना हैं जो लोग इस रहस्य को नहीं जानते.

तो आइए जानते हैं कोरोना महामारी से पहले 400 सालों में आई त्रासदी के बारें में जो हर 100 साल पर रिपिट होती रही है

सन् 1720 – प्लेग महामारी

दुनिया का सबसे पहला महामारी प्लेग जिसे ग्रेट प्लेग ऑफ मार्शिले के नाम से जाना जाता है मार्शिले फ्रांस का बहुत बड़ा शहर हुआ करता था जब यह महामारी वहां फैली तो फ्रांस में लगभग 1 लाख लोगों की मृत्यु हो गई थी फ्रांस में चारों तरफ लाशों का कोहराम मच गया था.

इस बीमारी ने चाइना में 1807 ईसवी के लगभग भयंकर कोहराम मचाया उसके बाद यह बीमारी 1890 में चाइना से ही भारत में फैला जिसने भारत को चाइना से ज्यादा क्षति पहुंचाया था.

सन् 1820 कॉलरा(हैजा) महामारी प्रकोप

सन् 1720 की महामारी के बाद 1820 में कॉलरा(हैजा) महामारी ने पूरी दुनिया में कोहराम मचाया.1820 में कॉलरा(हैजा) महामारी ने एशियाई देशों में सबसे ज्यादा कोहराम मचाया था जैसे जापान, बैंकॉक, जावा, भारत, भूटान, मॉरीशस, सीरिया, चीन आदि जगहों को बर्बाद करके रख दिया.

सिर्फ जावा में ही कॉलरा(हैजा) ने 1lakh लोगों की मौत के घाट उतार दिया था और इस कॉलरा(हैजा) बीमारी से सबसे ज्यादा मृत्यु थाईलैंड, फिलीपींस और इंडोनेशिया में हुई थी. इस महामारी ने दुनिया के बहुत से लोगों की जिंदगी बर्बाद कर दिया था.

सन् 1920 स्पेनिश फ्लू प्रकोप

स्पेनिश फ्लू का असर दुनिया में 1918 ईस्वी में ही असर दिखना शुरू हो गया था लेकिन इसने सबसे ज्यादा तबाही 1920 में मचाई .

जहां एक तरफ प्रथम विश्व युद्ध की शुरुआत ने बहुत सारे लोगो को जान ली वहीं दूसरी तरफ स्पेनिश फ्लू ने अपना दम दिखाना शुरू किया.

कहा जाता है कि प्रथम विश्व युद्ध में जितने लोग मारे गए उससे कई गुना ज्यादा लोग स्पेनिश फ्लू के कारण मारे गए थे. एक आंकड़ा के अनुसार पूरी दुनिया में इस महामारी ने करीब 5 करोड़ लोगों की जान ली थी जिसमें सिर्फ भारत में दो करोड़ लोग मृत्यु हुई थी.

पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और पंजाब जो पाकिस्तान का हिस्सा था को मिलाकर करीब 8 लाख लोगों की मृत्यु हुई थी.

यह मानव इतिहास के सबसे भीषण महामारी में से एक थी.

सन् 2020 कोरोना महामारी

चाइना के वुहान शहर से फैला यह कोरोना महामारी आज पूरी दुनिया को अपने चपेट में ले लिया है. आज इस बीमारी से दुनिया के करोड़ों लोग संक्रमित हो चुके हैं और हालिया रिपोर्ट के अनुसार भारत में इस महामारी ने तांडव मचाया हुआ है.

अब तक भारत में इस बीमारी से संक्रमण का आँकड़ा 19.2लाख और मृत्यु 2.12k हो चुका है जो अभी कितना जायेगा कोई नहीं बता सकता.

इस महामारी से लड़ने के लिए भारतीय वैज्ञानिकों ने वैक्सीन भी बना ली है जो भारत के हर कोने कोने में लोगों को युद्घ स्तर पर लगाया जा रहा है. आज यानी 1 मई 2021 से 18-44 साल तक के लोगों कोरोना वैक्सीनेशन की प्रक्रिया शुरू किया गया हैं

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