इस कोरोना महामारी में लॉकडाऊन का सदुपयोग करके हम अपने जीवन को सार्थक बना सकते हैं। हमें पता होना चाहिए की इस दुनिया में जितने भी सफल व्यक्ति हुए है उन्होनें समय को पहचान कर पूरे दुनिया में परचम लहराया हैं। जिस तरह भारत में फिर से कोरोना महामारी ने हमला बोला है ऐसा तो लगता नही की यह इतना जल्दी खत्म होने वाला हैं।

ऐसे में भारत में फिर से पूर्ण लॉकडाऊन लगने का असार दिखने लगा हैं। कोरोना वायरस के डबल अटैक से भारत में दिन-ब-दिन स्थिति बदतर होते जा रहे हैं वैक्सीनेशन की प्रक्रिया चलने के बाद भी यह बीमारी रुकने का नाम नहीं ले रही है। महाराष्ट्र, दिल्ली ,कर्नाटक, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़,उत्तर प्रदेश, के बाद अब बिहार में भी यह बीमारी पूरी तरह से आतंक मचाई हुई है ऐसे में सभी लोग क्या करें।

2020 में इस बीमारी की शुरुआत ने हमें ऐसा डराया है कि आज तक हम सम्भले नहीं है। खैर यह जो सुनामी आई है तो एक न एक दिन जाएगा ही इस बीमारी के बीच हम सभी अपने घरों की ओर लौट रहे हैं और एक लंबे अरसे से घर पर अपना दिनचर्या व्यतीत कर रहे हैं लेकिन क्या ऐसे बैठे रहने से हमारा जीवन चल जाएगा नहीं। हमें इस खाली समय का उपयोग करना है ना की बैठे-बैठे दिन गुजारना है।

खासकर विद्यार्थी जीवन के लिए तो यह सौभाग्य की बात है कि उन्हें यह कीमती समय मिला है। आज मैं आपको एक वैज्ञानिक के बारें में वाक्या बताने जा रहा हूँ जिन्हें आप सभी लोग अच्छी तरह से जानते हैं। जैसे आज कोरोना महामारी ने आतंक मचाए हुई है वैसे ही 17वीं शताब्दी में प्लेग महामारी ने भी आतंक मचाई थी इस दौरान लाखो लोग मारे गए थे। कहा जाता है कि उस समय जब प्लेग महामारी फैला तो लंदन की एक चौथाई आबादी इस बीमारी का शिकार हो चुकी थी लेकिन उस समय इतना हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन डेवलप नहीं होने के कारण ऐसा हुआ।

सर आईजक न्यूटन ने कैसे समय का सदुपयोग कर एक बड़ा कीर्तिमान रचा

सर आइज़क न्यूटन एक ऐसे महान वैज्ञानिक हुए जिन्होनें गुरुत्वाकर्षण का सिद्धांत और ऑप्टिक्स थ्योरी जैसे महान सपने को साकार किया लेकिन शायद आपको पता होना चाहिये की उन्होनें ये कारनामा इसी प्लेग महामारी के बीच समय का सदुपयोग करके किया।

17 शताब्दी के दौर में प्लेग जैसी महामारी से जब पूरी दुनिया सदमें में थी तो उस समय लंदन भी प्लेग महामारी की पूरी चपेट में आ चुका था और उस समय सर आइज़क न्यूटन भी लंदन के कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के त्रिनिटी कॉलेज में एक रिसर्चर थे इन्हें मैथ और साईन्स में ज्यादा रुचि थी।

लेकिन अचानक प्लेग महामारी के फैलने से चारों तरफ लोग मरने लगे इस डर से न्यूटन भी हस्तप्रद हो गये उन्हें कुछ हो ना जाए इसलिए उन्होनें घर लौटना ही मुनासिब समझा और वह अपने घर वापस आ गए घर तो आ गए लेकिन प्लेग महामारी के बढ़ते प्रकोप के कारण करीब 1 साल उन्हें घर पर ही जीवन व्यतीत करना पड़ा।

इस दौरान उन्होनें अपना रिसर्च को जारी रखा और इन्हीं खाली समय में उन्होंने गुरुत्वाकर्षण का सिद्धांत ,ऑप्टिक्स थ्योरी जैसे महान सपने को साकार किया। कहा जाता है कि एक सफल व्यक्ति वही होता है जो कठिन से कठिन परिस्थिति में भी वह अवसर को ढूंढ ले लेकिन हमें तो सिर्फ सफलता चाहिए मेहनत नहीं।

हम बैठे-बैठे ऐसे ही दिन गुजार लेते हैं लेकिन कुछ करते नही यह आंधी का जो झोंका जितना तेजी से आया है उतना तेजी से तो जाएगा ही लेकिन इस चिंता से हमें अपना समय बर्बाद नहीं करना चाहिए हमें समय के साथ-साथ ही चलना चाहिए।

अगर हमें पढ़ाई में मन नहीं लग रहा है तो और भी सारा काम है जो हम घर बैठे कर सकते हैं। डिजिटल युग का जमाना है सबके हाथों में मल्टीमीडिया मोबाइल है उसे फिल्म देखने और वीडियो देखने में समय ना गुजारे उससे कुछ तरकीब निकाले उससे कुछ सीखे।

इंटरनेट पर बहुत ऐसे सारी चीजें हैं जिनके बारे में हम नहीं जानते जैसे आपको लिखने का शौक है तो आप ब्लॉगिंग कर सकते हैं अगर आप कोई चीज़ को सिखाने में शौक रखते हैं तो फिर फ्रिलान्सिंग कर सकते अफिलिएट मार्केटिंग कर सकते हैं ऐसे बहुत सारी प्लेटफ़ार्म है जिसकी मदद से आप अपने मेहनत के बलबूते बहुत कुछ कर सकते हैं।

अगर आप पढ़ाई करते हैं यानी किसी कंपीटीशन की तैयारी में है तो आप दृष्टि संस्थान, विज़न संस्थान जैसे ऑनलाईन क्लासेज से मदद ले सकते हैं लेकिन बैठे नहीं। किसी भी व्यक्ति के जीवन में घर पर रहने का ऐसा मौका बहुत ही कम मिलता है ऐसे में अपने अंदर के टैलेंट को निखारने का मौका खोना नही चाहिये हमें समय से लड़कर आगे निकलना चाहिए।

महात्मा बुद्ध, भगवान महावीर जैसे मार्गदर्शक भी एकांत में रहकर ही अपने अंदर की गरिमा को समझे और दुनिया को सच का आईना दिखाया।

समय का सदुपयोग

समय बलवान होता हैं अगर हम समय के साथ नहीं चलते हैं तो हम जिंदगी में बहुत पीछे छूट जाते हैं। अर्थात् समय बहुत सीमित हैं अगर हम सही समय पर कोई काम कर ले तो अच्छा हैं नहीं तो बाद में बड़ा पछतावा होता है। समय किसी का मोहताज नही हैं वह अपने निर्धारित गति से चलता ही रहता है। और एक कहावत भी हैं ”नर बलि ना होत है समय होत बलवान । समय एक ऐसा क्षण है जिसका उपयोग कर एक गरीब आदमी धनवान हो जाता हैं, एक निर्बल सबल हो जाता हैं और मूर्ख विद्वान बन जाता है।

हमने ऊपर के कुछ लाईनो में न्यूटन का जिक्र किया ही हैं की कैसे उन्होनें समय का सदुपयोग करके एक नया कीर्तिमान रचा। ऐसे तो इस दुनिया में जितने भी सफल व्यक्ति हैं कहीं न कहीं समय का सदुपयोग करके ही सफलता हासिल किया है। आलसी मत बनिये बहाने मत बनाये नही तो ये आलस ही आपको एक दिन पश्चाताप करायेगा।

कोरोना वायरस का प्रकोप चारों तरफ प्रचंड रूप में हैं ऐसे में जगह-जगह लॉकडाऊन का असर है तो जो भी करना है घर पर रह कर ही करें। आलस किसी भी आदमी के जीवन को बर्बाद कर देता है।

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