रमजान महीना
इस्लाम धर्म में रमजान महीना बहुत ही पवित्र महीना माना जाता है। क्युंकि इस महिने की आखिरी तारीख यानि 29 को पवित्र किताब कुरान-मजीद मुकम्मल नाजिल हुआ।

रमजान महीना के बारें में

इस्लामिक कैलेंडर में रमजान महीना का क्रम 9वाँ है। इस महिने में इस्लाम धर्म के अनुयायी पूरी निष्ठा से रोज़ा रखते है और अल्लाह की इबादत करते है। तरावीह की नमाज के साथ कुरान मजीद की तिलावत भी करते है।

इस महिने के 21वें दिन से शबे-कदर की रात(इबादत की रात) की ७ होती है जिसमें सारे मुस्लिम भाई रात भर जागकर अल्लाह की इबादत करते है और इस दुनिया के मगफिरत के लिए दुआ माँगते है।

इस पूरे महिने मुस्लिम भाईलोग बिना खाए-पिए दिन में रोज़ा रखते है और मगरिब(शाम) के समय सभीलोग साथ बैठकर रोज़ा खोलते है। सभी मुस्लिम भाई यह पुरा महीना एक त्योहार की तरह मनाते है जो पूरे दुनिया में देखने को मिलता है।

इस महिने में सभी मुस्लिम भाई गरीबों एवं जरुरतमंदो को मदद के तौर पे जकात, फितरा, सदका, खैैैरात आदि बाँटते है। ताकि कोई भी गरीब भूखा ना रहेें।

माहे रमजान के बारें में पढ़े 

इस महीने को नेकियों का महीना भी कहा जाता है। और ये भी कहा गया है कि लोग अपने हैसियत के हिसाब से जितना चाहे दूसरों को मदद कर सकते है। ऐसा करने से वे शबाब(पुण्य) के हकदार होंगे।

इस पूरे महिने मुस्लिम लोग दुनिया के लिए अल्लाह से दुआ माँगते है ताकि सभी लोग खुशी-खुशहाल रहें। पूरे महिने रोज़ा रखने के बाद अंतिम दिन चांद देखने के बाद पहली शव्वाल के महीना मे ईद-उल-फ़ित्र का पर्व मनाते है।

हमारा भारत देश जिसे त्योहारों का देश कहा जाता है। यहाँ सभी समुदाय के लोग सभी धर्म के त्योहार को साथ साथ मनाते है लेकिन आज कुछ आसामजिक तत्व के कारण ये सब बिखरता हुआ नजर आ रहा है जो एक चिंता का विषय है। इसे हम भारतीयों को सहेजने की जरुरत है।     
                

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