1. 1 जून विश्व दुग्ध दिवस

जून महीने
जून महीने की पहली तारीख को “विश्व दुग्ध दिवस” के रूप में जाना जाता है। इसकी शुरुआत सबसे पहले संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संघ के द्वारा 2001 में  किया गया।

दुग्ध दिवस मनाने का मकसद था लोगों के बीच दुध के अहमियत को बताना जो हमारे स्वस्थ जीवन के लिए कितना लाभकारी है। और इसके बने उत्पादो को बढ़ावा देना।

पुरी दुनिया आज दुग्ध उत्पादन के लिए तरह-तरह के तकनीक का इस्तेमाल कर रही है ताकि अधिक से अधिक इसका उत्पादन हो सके।

भारत पुरे दुनिया में सबसे ज्यादा दुध उत्पादन करने वाला देश है। हाल के उत्पादन आँकड़ा 146.31million tonnes है। भारत के बाद अमेरिका, चीन, पाकिस्तान, ब्राज़ील दुध उत्पादन में अग्रणी है।

2. 3 जून विश्व साईकिल दिवस


 


साईकिल नामक परिवहन का सबसे पहले अविष्कार (रूप रेखा) 1817ई में जर्मनी के बैरन फौन ड्रेविस ने किया।

लेकिन इसे पूरी तरह से बनाने में बहुत सारे लोगों का योगदान रहा। जैसे:- पियर लालेमे, किर्क पैट्रिस मैकमिलन, पियर मिचौक्स, जौन केम्प स्टार्लि, जैक्स डुबोशेट, मेरियस ओलिविएर इत्यादि।

बिना ईंधन का ये परिवहन इतना प्रसिद्ध हुआ की पूरी दुनिया में इसका इस्तेमाल होने लगा। हमलोगो के जीवन में व्यक्तिगत रूप से साईकिल का बहुत ही योगदान रहा है।

और आज भी इस लॉकडाऊन में सारी परिवहन की सुविधा रहते हुए भी हम साईकिल का ही ज्यादा इस्तेमाल कर रहे है। क्यूंकि इसके इस्तेमाल से वातावरण को कोई खतरा नही है।

हमारा जीवन पद्धति भी साईकिल की तरह ही है जितना हम पैडल तेज़ चलायेंगे उतना ही हमारा जीवन भी तेज़ चलेगा।

3. 4 जून विश्व पर्यावरण दिवस


 


विश्व पर्यावरण दिवस का आगाज सन् 1972 में संयुक्त राष्ट्र ने पर्यावरण के देख-रेख और सुरक्षा के दृष्टिकोण से किया था। 

पर्यावरण को प्रदूषण से बचाने के लिए जगह-जगह कई तरह के योजनाओं का शुरुआत किया गया। आज के समय में पर्यावरण की सुरक्षा भी हमारी चिंता का विषय है।

भारत में पर्यावरण के बचाव हेतु बहुत सारी योजनाओं का शुरुआत किया गया है। जैसे:- नमामि गंगे योजना, स्वच्छ भारत अभियान, ग्रीन कौशल विकास योजना इत्यादि।

भारतीय संविधान के भाग-4क अनुच्छेद 51 में पर्यावरण के सुरक्षा और संवर्धन हेतु कानून भी बनाया गया है। हम अपने समाज में ज्यादा से ज्यादा पौधा रोपण करके पर्यावरण की रक्षा कर सकते है।

4. 7 जून विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस





मानव जीवन का अस्तित्व इस धरती पे खाद्य-पदार्थ पर ही निर्भर है  या कहे तो इसके बिना हम जिन्दा रह नही सकते।

पूरे दुनिया में 7 जून को विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस मनाया जाता है। इसका मकसद है उपज होने वाली खाद्य पदार्थों का संरक्षण करना ताकि भविष्य में इसकी कोई कमी न रहे।

आज हम जिस भी चीज़ का सेवन कर रहे है उसमें बहुत सारी केमिकल्स मिला होता है जो हमारे स्वास्थ्य जीवन को कई बिमारियों से ग्रसित करता है। हम ज्यादा उपज के चक्कर में बहुत सारी केमिकल्स का उपयोग करते है जो हमारे शरीर को हानि पहुँचाते है।

इन्ही सब कुरीतियों से बचने के लिए हर देश में एक खाद्य सुरक्षा एजेन्सी का गठन किया गया है ताकि खाद्य पदार्थों का अच्छी तरह से जाँच हो और इसका अच्छी तरह संरक्षण किया जा सके।

5. 8 जून विश्व महासागर दिवस






महासागर जो हमारी पृथ्वी पर ऑक्सीजन हब का काम करती है। अगर देखा जाये तो हमारी पृथ्वी पर तीन-चौथाई भाग पर पानी ही पानी है और एक भाग पर जीवन। 

महासागर हमें  दुश्मनों से भी रक्षा करती है।

2009 में पहली बार संयुक्त राष्ट्र संघ ने विश्व महासागर दिवस मनाने की घोषणा की। इसे मनाने का मकसद लोगों के बीच महासागर के महत्व को बताना था।

6. 12 जून बाल श्रम निरोध दिवस


हर साल 12 जून को बाल श्रम निरोध दिवस मनाया जाता है।
हमारे देश में बाल मजदूरी एक चिंता का विषय है जो दिन ब दिन इनकी स्थिति खराब होते जा रही है।

कम उम्र के बच्चों को मजबूरी वश घर छोर के दुसरे-दुसरे जगहों पे काम करना पड़ता है ये बेचारे करे भी तो क्या करे मजबुर है जिंदगी की बोझ ने इन्हें पैसा कमाने पे विवश कर दिया है। भूख के आगे ये पढ़ने को मजबूर हो।

इस पर रोक लगाने के लिए हमारे संविधान में कुछ कानून का प्रावधान भी किया गया है। फिर भी ये रूकने का नाम नहीं ले रहा है।

भारत के नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी ने भी बाल मजदूरी के खिलाफ एक संगठन बनाया है ” बचपन बचाओ आन्दोलन” जिसमें बाल मजदूरो को उनका हक दिलाने के लिए ये आन्दोलन कर रहे है। ऐसे और भी सारे कई आन्दोलन देश में चलाये जा रहे हैं जो बाल मजदूरी को रोकने के दिशा में काम कर रहे है। लेकिन फिर भी इसका कोई असर नहीं हो रहा है।

7. 14 जून विश्व रक्तदाता दिवस

विश्व स्वास्थ्य संगठन के द्वारा हर साल 14 जून को विश्व रक्तदाता दिवस मनाया जाता है। जो हमारे शरीर में रक्त की अहमियत को दर्शाता है।

रक्त जो हमारे शरीर का जन्मदाता है इसके बिना शरीर का निर्माण होना असंभव है। फिर भी हम अपने शरीर को सिगरेट, गुटखा खा के बर्बाद कर रहे है क्युंकि हम ये सोचते है की यह हमारा शरीर है मैं कुछ भी करुँ।

लेकिन दोस्तों याद रखो आप इस दुनिया में आए हो तो आप पर कुछ जिम्मेवारियाँ है दुसरो के लिए न तो कम से कम अपने परिवार वालों के लिए जियो। ये जिंदगी बहुत ही अनमोल है।आपका शरीर रहते भी आप किसी की मदद नही कर सकते क्युंकि आपने अपने रक्त को बर्बाद कर लिया है सिगरेट पी के, गुटखा खा के।

आज पुरे विश्व का संरक्षित रक्त स्तर मात्र 42% ही है जो पूरे दुनिया की आबादी का मात्र 16% है।

आज हर जगह रक्तदान शिविर लगाया जा रहा है रक्त को इकठ्ठा करने के लिए ताकि दुसरे लोगों को आपात स्थिति में बचाया जा सके। इसलिए आपलोगों से नम्र निवेदन है कि आप ऐसे चीजों का सेवन करें जिससे आपकी रक्त में किसी प्रकार की परेशानी ना हो। रक्तदान महादान है।

8. 15 जून विश्व वायु दिवस

WindEurope और GWEC द्वारा हर साल 15 जून को वैश्विक वायु दिवस या “Global wind day” मनाया जाता है इसे मनाने का मकसद भविष्य के लिए पवन ऊर्जा को बढ़ावा देना।

हमें पता होना चाहिए कि हमारे देश के वैज्ञानिकों के साथ साथ दुसरे देश के भी वैज्ञानिक इन योजनाओं पर काम कर रहे है ताकि हर जगह पवन ऊर्जा का उत्पादन में इजाफा हो सके। पवन ऊर्जा बिजली उत्पादन का एक नवीकरणीय स्त्रोत है।

9. 20 जून विश्व शरणार्थी दिवस


विश्व शरणार्थी दिवस को हम “World Refugee day” के नाम से भी जानते है। इसे संयुक्त राष्ट्र संघ ने 2001 में शुरू किया था। 

शरणार्थी वे होते हैं जो किसी युध्य में या किसी प्राकृतिक आपदा की स्थिति में अपने घर छोर जाते है अपना देश छोर जाते है। ये लोग अपना सबकुछ छोर के किसी दुसरे देश में शरण को मजबूर हो जाते है।
शरणार्थी शब्द पर एक फिल्म का नाम याद आ गया Rifugee जिसमें एक बहुत ही सुन्दर गाना है “पन्क्षी नदियाँ पवन के झोंके कोई सरहद ना इन्हें रोकें”। इस गाने का मतलब है की पन्क्षी,नदी और पवन का कोई सरहद नही होता।

हम चाहे जिस नाम से भी इन्हें पुकारे ये हर पल अपनी जिंदगी जीने के लिए जद्दो-जेहद करते रहते है। इनके आँखों में सपने से ज्यादा सवाल होते है। आखिर में ये बेचारे करे तो क्या करें।

आज पूरे दुनिया में 7 करोड़ से ज्यादा लोग शरणार्थी की जीवन व्यतीत कर रहे है जो सीरिया, दक्षिणीसूडान, इराक, अफ़ग़ानिस्तान लीबिया,म्यांमार से पलायन कर के दुसरे-दूसरे देश में शरणार्थी की जीवन जी रहे हैं। ये जुल्म के शिकार लोग करें तो क्या करें।

आज भारत में रोहंगिया शरणार्थी के चलते CAA लागू किया गया क्यूंकि ये लोग जहाँ रहते है उसके आस-पास के इलाके में अपराध की गतिविधि तेज हो रही थी(वहाँ के स्थायी निवासी के अनुसार)।खैर ये हमारे देशहित का मामला है इस पे सरकार का जो फैसला है वो सर्वेमान्य है। लेकिन हमें मानवता के लेहाज से हमारा फ़र्ज है कि सरकार की मदद से इनलोगों को अपने घर पहुँचाने का प्रयास करना चाहिए। ताकि ये लोग अपने धरती पर खुशी से, स्वतंत्र रूप से अपने जिंदगी का जीवन बसर करें।

10. 21 जून विश्व योगा दिवस

योगा दिवस की मनाने की घोषणा सबसे पहले हमारे देश के प्रधानमंत्री मान्नीय श्री नरेंद्र दामोदर दास मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में 21 जून 2015 को किया।

और इसके बारें में उन्होने कुछ बातों का जिक्र भी किया जो इस प्रकार है:-

योग भारत की प्राचीन परंपरा का एक अमूल्य उपहार है
यह दिमाग और शरीर की एकता का प्रतिक है
मनुष्य और प्राकृतिक के बीच का सामंजस्य है
यह विचार संयम और पूर्ति प्रदान करने वाला है
तथा स्वास्थ्य और भलाई के लिए एक समग्र दृष्टिकोण को भी प्रदान करता है।
यह व्यायाम के बारें में नही है लेकिन अपने भीतर एकता की भावना दुनिया और प्राकृतिक की खोज के विषय में है।

11. 23 जून अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक दिवस

सबसे पहला ओलंपिक खेल की शुरुआत पेरिस के सोरबोन शहर में  1894ई में हुआ। लेकिन ओलंपिक दिवस मनाने की घोषणा 1948 में हुआ।

खेल जगत में ओलंपिक खेल दुनिया का सबसे बड़ा खेल है जिसमे दुनिया के 200 से ज्यादा देश के प्रतिभागी इसमें हिस्सा लेते है।

इसे आयोजित करने का मकसद विश्व स्तर पर हर आयु,वर्ग  के लोगो की भागीदारी को बढ़ावा देना। यह खेल हर 4 वर्ष पर आयोजित किया जाता है। इसे पूरी दुनिया खेल जगत में एक त्योहार की तरह मनाती हैं।

भारत सबसे पहले ओलंपिक का हिस्सा 1900 में बना था।जिसमे सिर्फ एक एथलीट ने भाग लिया था। आज भारत ओलंपिक खेल की दुनिया में 28 पदक जीत चुका है जिसमे सबसे ज्यादा हाॅकी खेल के द्वारा जीत हुआ पदक है।

भारत के ओलंपिक के कुछ चुनिंदा खिलाड़ी का नाम इस प्रकार है :-
सायना नेह्वाल- बैडमिंटन
मैरी कॉम- बॉक्सिंग
साक्षी मलिक- पहलवानी
पी वी सिंधू – बैडमिंटन

             
                      (Written by:- Meraj hashmi)

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here