प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी 07 अप्रैल 2021 को परीक्षा पर चर्चा विषय को लेकर देश के सभी छात्रों,अभिभावकों को सम्बोधित किए। जिनमें बहुत सी जरूरी बातें छात्रों एवं अभिभावकगण से साझा किए ।

आपलोग को तो पता ही है कि आज पुरी दुनिया कोरोना वायरस महामारी के चपेट में है। जिसका प्रभाव अर्थव्यव्स्था से लेकर शिक्षा के अलावा हर छोटी बड़ी चीजो पर पड़ा है। 

 

लॉकडाऊन की वजह से बच्चों के पढ़ाई लिखाई पर बहुत असर पड़ा हैं। एक लम्बे समय से घरों में रहने वाले बच्चों को लग रहा है की उनका शिक्षण स्तर गिर रहा हैं।

 

और माँ बाप को भी अपने बच्चों की भविष्य की चिंता सतायें जा रही हैं। इतने लंबे समय के बाद एका-एक स्कूल कॉलेज का खूल जाना। और बिना पढ़े परीक्षा देना। इन सभी परेशानियों को झेलते हुए बच्चें काफ़ी दबाव में जी रहे हैं।

 

इन्हीं सब बातों के विषय पर हमारे देश के प्रधानमंत्री जी 07 अप्रैल 2021 को देश के छात्रों को “परीक्षा पर चर्चा” विषय को सम्बोधित करते हुए उन्होनें बहुत सारी बातें बच्चों और अभिभावकों को बतायें।

 

तो आइयें जानते हैं “परीक्षा पर चर्चा” विषय पर पीएम नरेंद्र मोदी साहब ने कौन-कौन सी जरूरी बातें छात्रों एवं अभिभावक गण से साझा किए ।

 

 

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी साहब एक बार फिर से परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम के बीच छात्रो, अभिभावक एवं शिक्षकों से वार्तालाप करते हुए उन्होंने कहा कि बच्चों को परीक्षा को लेकर चिंता नहीं करनी चाहिए। 

 

 

और न ही परेशान होना चाहिए। ये परीक्षा तो जीवन जीने में एक अवसर की तरह हैं। और ऐसा नही है की ये पहले कोई परीक्षा न दिए हो।

 

और अभिभावक गण भी अपने बच्चों पर दबाव न डाले।ऐसे में आपके बच्चें तनाव की स्थिति में चले जाते हैं।उनके सामने ऐसी कोई भी बात नही कीजिए ताकि उनको महसूस न हो की ये परीक्षा ही मेरा सबकुछ हैं।   

 

पीएम नरेंद्र मोदी साहब ने फिर से आत्मनिर्भर भारत का जिक्र करते हुए कहा की हमें आत्मनिर्भर भारत बनाना है। हमें vocal for local को जीवन मंत्र बनाना हैं।

 

 

 

पीएम साहब ने कहा की कोरोना काल में अगर हमने काफी कुछ खोया है तो बहुत कुछ पाया भी है। इस कोरोना ने हमें परिवार में एक साथ रहने का सलिका सिखाया हैं ।

 

पीएम साहब ने कहा एक तरफ जहाँ कोरोना ने सोशल डिस्टेन्सींग करने के लिए मजबूर किया हैं वहीं परिवारों में इमोशनल बोंडिंग को मजबूत किया है।

 

 

 

पीएम साहब ने कहा की कोरोना ने हमें फिर से याद दिलाया की संयुक्त परिवार का अहमियत क्या होती हैं ।घर के बच्चों के जीवन निर्माण में उनका कितना रोल होता है। उन्होने कहा की बच्चों को सिखाने की, बताने की,संस्कार देने की जिम्मेदारी परिवार में सबको होनी चाहिए।

 

पीएम साहब ने कहा की ये जो आधुनिक पढ़ाई हैं ये जीवन में सफलता और विफलता का एकमात्र पैमाना नही हैं। आप जो जीवन में करेंगे वही आपकी सफलता और असफलता को तय करेंगे।

 

 

पीएम साहब ने कहा की आप अपने बच्चों को स्वतंत्र रूप से जीने दीजिए उनका सही दिशा में मार्गदर्शन करते रहिये। आपके बच्चें के अंदर जो जज्बा और जुनून दिखेगा शायद ही उसे आप भाप पायें।

 

 पीएम साहब ने अभिभावक और शिक्षको से कहा  की आप अपने बच्चों पर कभी भी दबाव न दे की ये करो,वो करो। अगर वह आपकी बात मान भी लेता है और सफ़ल नही होता है तो वही बच्चा डिप्रेशन में चला जाता हैं। 

 

पीएम साहब ने कहा कि सपनों में खोए रहना अच्छा लगता है, सपने देखना अच्छी बात है लेकिन सपने को लेकर बैठे रहना और सपनों को के लिए सोते रहना यह तो सही नहीं है। 

 

सपने से आगे बढ़कर अपने सपनों को पाने के का संकल्प बहुत महत्वपूर्ण है। आपको सोचना चाहिए कि आपका वह कौन सा एक सपना है जिसे आप अपने जीवन का संकल्प बनाना चाहेंगे। जैसे ही आप यह संकल्प ले लेंगे आपको आगे का रास्ता भी उतना ही साफ दिखाई देने लगेगा।

 

 

पीएम साहब ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया की जीवन की किसी भी परीक्षा में आप कठिन प्रश्नों को हल कीजिये आसान प्रश्न खूद हल हो जाएँगे।

 

आपको भले कुछ सब्जेक्ट मुश्किल लगते हो। इस मुश्किल लगने वाले सब्जेक्ट की पढ़ाई से खुद को दूर मत कीजिए। उससे भागिये मत।

 

उन्होनें कहा की जो लोग जीवन में बहुत सफल हैं वह हर विषय में पारंगत नहीं होते। लेकिन किसी एक विषय पर किसी एक सब्जेक्ट पर उनकी पकड़ जबरदस्त होती है। 

 

उन्होनें कहा की खाली समय को खाली मत समझिये ये खजाना, है खजाना। खाली समय एक सौभाग्य है, अवसर है। 

 

 

 

आपके दिनचर्या में खाली पल होने ही चाहिये, नही तो आपकी जिंदगी रोबोट के समान हो जाती हैं ।

 

 

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