Republic Day

हमारा भारत देश जिसे त्योहारों का देश कहा जाता है यहाँ की पावन धरती पर हर धर्म के लोग निवास करते हैं जो पूरी दुनिया के किसी भी देश में देखने को नहीं मिलता है।

और जब हर धर्म के लोग हैं तो जाहीर सी बात है की उनकी रीति-रिवाज भी अलग होंगी । ऐसे में यहाँ उनके रीति-रिवाज से लेकर हर प्रकार की रश्में अलग-अलग देखने को मिलती हैं।
ऐसे ही जब हम पर्व त्योहार की बात करते हैं तो यहाँ हर धर्म के लोगों की अलग-अलग पर्व हैं जो अपने तौर-तरीकों के अनुसार मनाते हैं ।
लेकिन इस देश की संविधान ने हमें एक ऐसे पर्व की आजादी दी है जिसमें सभी धर्मों के लोगों के विश्वास का आस्था का प्रतिक सम्मिलित हैं। चाहे वो हिन्दू हो या मुसलमान सिक्ख हो या ईसाई।
जी हाँ हम लोकतांत्रिक पर्व की बात कर रहे हैं जिसे हम राष्ट्रीय पर्व के नाम से ज्यादा जानते हैं। हमारे देश में 3 तरह के राष्ट्रीय पर्व हैं स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस, गाँधी जयंती ।
यह पर्व यहाँ की सभी धर्मों के पर्व से कहीं ऊपर हैं जिसका सम्मान हम पूरे देशवासी करते हैं और गर्व से हम एक साथ होकर इस त्योहार को मनाते हैं।

आज हम Republic Day(गणतंत्र दिवस) के बारें में बात करेंगे 

 

 

Republic Day(गणतंत्र दिवस) भारत देश का राष्ट्रीय पर्व हैं जिसे हर साल 26 जनवरी को मनाया जाता हैं। क्यूंकि इसी दिन(26 जनवरी 1950) हमारा संविधान लागू हुआ था तो तब से इसी दिन को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाते हैं। इसे Republic Day भी कहा जाता है।
भारतीय संविधान दुनिया का सबसे लंबा लिखित संविधान हैं जिसमें 448 धाराएँ , 22 भाग और 12 अनुसूचियाँ शामिल हैं।

गणतंत्र दिवस पर एक सुन्दर सा कविता का सारांश पवन चंदानी(कवि) के द्वारा 

 
गणतंत्र दिवस हमारा फिर से आया है
आओ याद करें उन वीरों को
जिन्होनें मातृभूमि की लिए अपना खून बहाया।
जूनून था उन वीरों का सराहनीय
जिन्होनें देश के लिए बलिदान करा
अपने प्राणों का।
ऐसे वीरों को शत शत नमन
जिनकी वजह से लोकतंत्र बना भारत का ।
चीन से लेकर कोरोना तक ने
करी कोशिश भारत को हराने की
लेकिन क्या पता था
उन सबको
भारत ही वह देश हैं
जिसमें ताकत है सबको हराने की ।
गणतंत्र दिवस के दिन पुरे भारत देश में अवकाश होता है।
इस दिन यहाँ सभी कालेज, स्कूल, सरकारी या निजी दफ्तर, गलियाँ, चौक-चौराहे सभी जगह तिरंगा झन्डा फहराया जाता हैं और सभी लोगों के बीच राष्ट्रीय मिठाई जलेबी वितरण किया जाता हैं।
इस दिन कोई बिना भेद-भाव के सब कंधे से कन्धा मिलाकर तिरंगा झन्डा के सामने झन्डा को सलामी भेट करते हैं।और राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत का आह्वान करते है।
 
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इस दिन का एक अलग ही उमंग होता है हम सबों में। और होगा भी कैसे नही क्यूंकि हमारा देश जो आज के दिन गणतंत्र हुआ था।
कितनी दुख तकलीफ़ों, कितनी लड़ाईयां, कितनो के बलिदान के बाद यह दिन हमारे लिए खुशियाँ लेकर आया। तो जाहिर सी बात है की हमें पुरे जोश उमंग से त्योहार को मनाना चाहिये।
गणतंत्र दिवस के दिन जगह जगह रैलियाँ , झाँकियाँ निकाली जाती हैं उन वीर सपूतों के याद में जिन्होनें इस देश के लिए अपने आप को न्योछावर किया , बलिदान दिया।

कोरोना काल का गणतंत्र दिवस पर असर

हर साल भारत देश में गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर पर किसी न किसी देश के अतिथि को आमंत्रित किया जाता था लेकिन इस साल इस कोरोना काल ने हम सबके सामने एक ऐसी मुसीबत खड़ी कर दी जिस उबर पाना बेहद मुश्किल भरा रहा।
हम लाख लाख शुक्रगुज़ार हैं उन भारत के महान वैज्ञानिकों का जो इस दुख की घड़ी से हमें बाहर किया और फिर से एक साथ मिलकर झन्डा फहराने का मौका दिया।

इस साल गणतंत्र दिवस में महत्वपूर्ण क्या है

इस साल दिल्ली में गणतंत्रता दिवस परेड  में अयोध्या के राम मन्दिर का महिमा एवं भव्यता का प्रदर्शन किया जायगा। जो की आकर्षण का मुख्य केंद्र रहेगा।

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